दिल्ली से रायपुर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट में मंगलवार को एक बड़ा टेक्निकल फॉल्ट हो गया। एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड तो हो गई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। गेट लॉक होने से करीब 40 मिनट तक यात्री फ्लाइट के अंदर ही बंद रहे। इस फ्लाइट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और रायपुर मेयर मीनल चौबे समेत कई यात्री मौजूद थे। फ्लाइट का गेट नहीं खुलने पर कुछ यात्री घबराने लगे। हालांकि, सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। विधायक बोलीं- उनके पति घबरा गए थे सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरी नंद बताया कि, वे अपने पति के साथ दिल्ली से रायपुर लौट रही थी। इसी दौरान रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होने के बाद टेक्निकल दिक्कतों के कारण फ्लाइट का दरवाजा नहीं खुल रहा था। इस दौरान उनके पति घबरा रहे थे। विधायक ने बताया कि, अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट में हुए हादसे के बाद से लोगों में थोड़ा डर है। इसलिए फ्लाइट में बैठे कुछ और भी यात्री थोड़ी देर के लिए घबरा गए थे। इंडिगो प्रबंधन ने क्या कहा? फ्लाइट 6E 6313 में छोटी सी तकनीकी समस्या के कारण विमान का दरवाज़ा खोलने में देरी हुई। मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, जरूरी जांच पूरी होने के बाद दरवाजा खोला गया। किसी भी असुविधा के लिए खेद है। हम अपने ग्राहकों के धैर्य और समझदारी की सराहना करते हैं। इंडिगो में, यात्रियों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कुछ दिन पहले टर्बुलेंस में फंसी थी इंडिगो फ्लाइट 1 जून को रायपुर से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट टर्बुलेंस में फंस गई थी। दिल्ली में लैंड करने से पहले पायलट को फ्लाइट को दोबारा हवा में उड़ाना पड़ा। ऐसा दिल्ली-NCR में दोपहर के वक्त धूलभरी आंधी के कारण हुआ। इसके बाद फ्लाइट ने आसमान में कई चक्कर लगाए। बाद में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से क्लियरेंस मिलने के बाद फ्लाइट सुरक्षित लैंड कराई गई। फ्लाइट के हवा में चक्कर काटने का वीडियो भी सामने आया था। 12 जून को अहमदाबाद में क्रैश हुआ था विमान 12 जून को एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-171 (787-8 बोइंग ड्रीमलाइनर) उड़ान के कुछ देर बाद ही क्रैश हुई थी। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज ऐंड सिविल हॉस्पिटल के हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया था। प्लेन में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी समेत 241 लोग सवार थे। इनमें 229 यात्री और 10 केबिन क्रू, 2 पायलट थे। इनमें से सिर्फ एक ही यात्री जीवित बचा था। वहीं हॉस्टल बिल्डिंग और बाकी 34 लोगों को मिलाकर 275 की मौत हुई है।
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