इंदौर खंडपीठ में प्रांशु जैन ने एडवोकेट शुभम शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि इतनी कम उम्र की बच्ची संथारा जैसे गंभीर निर्णय की सहमति कैसे दे सकती है। याचिका में कहा गया है कि जैन धर्म में संथारा के लिए संथारा लेने वाले की सहमति अनिवार्य होती है।
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