मेरे बेटे ने अगर कुछ गलत किया था तो पुलिस है, कानून है, लेकिन उन लोगों ने बेरहमी से पीट-पीटकर मेरे बेटे को मार डाला। अब मुझे अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए। हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मिसाल बने ताकि दूसरों के बच्चों के साथ वो ऐसा न कर पाएं। ये कहना है जुनैद के पिता शहजाद का। इसी महीने की 4-5 जून की रात विदिशा में गो तस्करी का आरोप लगाते हुए करीब 15 लोगों की भीड़ ने जुनैद का पिकअप वाहन रोक लिया। गाड़ी में उसके साथ ड्राइवर अरमान भी था। भीड़ ने दोनों को बेसुध होने तक पीटा। फिर थाने में छोड़कर चले गए। इलाज के दौरान रविवार को जुनैद की मौत हो गई। अरमान अब भी वेंटिलेटर पर है। घटना के दिन से अब तक उसे होश नहीं आया है। भीड़ ने क्यों पीट-पीटकर इतना मारा कि जुनैद की मौत हो गई, गो तस्करी के आरोपों में कितनी सच्चाई है, बजरंग दल पर हमले का आरोप क्यों लग रहा है और पुलिस ने मामले में अब तक क्या किया… पढ़िए इस रिपोर्ट में- विदिशा जिले की सिरोंज तहसील में बुधवार को वार्ड नंबर 4 की गलियों में कुछ बच्चे खेलते हुए दिखे। बाहर बड़े लोग कम ही नजर आए। आगे बढ़कर एक बच्चे से हमने पूछा तो उसने जुनैद के घर का पता बताया। पतली गलियों से जाते हुए रास्ते में एक अधबना सा बिना खिड़की दरवाजे के दो कमरों का घर दिखा। अभी दरवाजा न होने की वजह से प्लास्टिक से ढंका था। आंगन में कुछ ईंटें और गिट्टी पड़ी हुई थीं। वहीं पानी की बड़ी टंकी रखी थी। आंगन की बाउंड्री टूटे प्लास्टिक के शीट और लकड़ियों से बनी नजर आई। यही जुनैद का घर है। सबसे पहले जुनैद के परिजनों की बात पुलिस का फोन आया कि भाई अस्पताल में भर्ती है
जुनैद के छोटे भाई जैद ने बताया, जुनैद भाई ज्यादातर भोपाल में ही रहते थे। मैं भी कभी-कभी भोपाल चला जाता था। जहां काम मिलता था, मैं वहीं चला जाता था। 4 जून को रात में करीब 12 बजे भाई भोपाल वाले घर से जाते हुए मुझसे बोले- ‘मैं टमाटर की गाड़ी खाली करने जा रहा हूं। चार-पांच घंटे से आता हूं।’ फिर वह रात भर घर नहीं लौटे। 5 जून की शाम करीब 5 बजे मेरे छोटे भाई के पास पुलिस का फोन आया कि तुम्हारा भाई विदिशा अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद हम दोनों भाई रात 11 बजे बड़े भाई जुनैद को देखने विदिशा अस्पताल पहुंचे। जुनैद भाई की हालत बहुत खराब थी। पूरे जिस्म पर घाव थे। पुलिस ने उस समय हमें कुछ नहीं बताया। भाई 2 दिन तक वहीं विदिशा में भर्ती रहे। इसके बाद उन्हें भोपाल हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। भोपाल में वह थोड़े होश में आए। थोड़ी-बहुत बात भी करने लगे। हमें लगा कि वह ठीक हो रहे हैं। रविवार को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया था कि उनकी दोनों किडनी खराब हो गई थी। उनके पूरे शरीर पर चोटें थीं। दोनों हाथ टूट गए थे। दायां पैर भी टूट गया था। दाएं पैर की जांघ पर बड़ा घाव था। जुनैद ने कुछ दिन पहले बताया था कि वेल्डिंग करता है
भोपाल में रहने वाले जुनैद की बुआ के बेटे अनवर कुरैशी ने बताया कि जुनैद का पूरा परिवार पहले भोपाल में ही रहता था। जुनैद के पिताजी सब्जी का ठेला लगाते थे। उम्र बढ़ने के बाद 2016 में वे और उनका परिवार वापस सिरोंज आ गया, लेकिन जुनैद ज्यादातर भोपाल में रहता था और भोपाल में ही अलग-अलग काम करता था। पहले कई बार मैं भी उसके साथ काम पर जाता था। सब्जी मंडी में हम्माली करना, गाड़ी खाली करवाना, वेल्डिंग का काम करना, घर बनाने में मजदूरी जैसे काम कर लेते थे। जुनैद मुझे कुछ दिन पहले ही मिला था तो उसने बताया कि वह उस समय कहीं वेल्डिंग का काम कर रहा था। हां मंडी में पल्लेदारी के समय कभी-कभी गाड़ी खाली करवाने, उतरवाने के लिए बाहर भी जाता था, लेकिन ज्यादा दूर वो कभी नहीं गया। अब अरमान के पिता का दर्द पढ़िए अरमान के पिता ने कहा- मैंने डांटा तो बेटा ड्राइवर बना
सीहोर के श्यामपुर गांव में रहने वाले जफरुद्दीन ने बताया कि मैं दूध डेयरी का संचालन करता हूं और साथ में दूध कलेक्शन करके भोपाल दूध बेचने जाता हूं। दूध भोपाल लाने का काम मेरा था और घर पर दूध डेयरी मेरा बेटा अरमान देखता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह क्रिकेट खेलने भाग जाता था। जफरुद्दीन ने बताया कि मई के आखिर में ही वो किसी की गाड़ी चलाने लगा। उसने मुझे कुछ बताया भी नहीं। मुझे चिंता हुई तो मैंने पता किया। पता चला कि कोई सचिन उससे गाड़ी चलवा रहा है। इसके बाद 25 मई को मैंने सचिन को कॉल किया। उससे पूछा कि अरमान से किसकी गाड़ी चलवा रहे हो। क्या लाता और ले जाता है। ज्यादा रात में उससे गाड़ी मत चलवाया करो। अभी छोटा है। उसको ज्यादा समझ नहीं। सचिन ने कहा कि टमाटर और मिर्ची का काम होता है। भोपाल से बैतूल और छिंदवाड़ा तक ही गाड़ी जाती है। आप परेशान न हो अच्छा काम है। मुझे भी उसकी बात पर भरोसा हो गया। इस कॉल की मेरे पास रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। अस्पताल में देखा तो अरमान बेहोश पड़ा था
अरमान के पिता ने बताया, 5 जून की शाम में मुझे मेरे भतीजे का फोन आया उसने कहा कि चाचा अरमान विदिशा अस्पताल में भर्ती है। आप वहां चले जाओ। मैंने उससे पूछा कि अरमान को क्या हुआ तो उसने कहा कि मुझे अभी पता नहीं। बस इतना पता चला है कि अरमान विदिशा में भर्ती है। 1 घंटे बाद ही मैं विदिशा पहुंच गया। आधे घंटे तक मैं वहां अरमान को ढूंढता रहा। तब जाकर मुझे पता चला कि विदिशा मेडिकल कॉलेज में अरमान भर्ती है। वहां जाकर देखा तो अरमान बेहोश पड़ा था। वहां से अरमान को भोपाल रेफर कर दिया गया। इसके बाद मैंने यहां एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उसे एडमिट करा दिया। घटना के बाद से अभी तक अरमान को होश नहीं आया है। डॉक्टर ने बीच में बताया कि उसकी किडनी में भी प्रॉब्लम है, लेकिन अभी कह रहे हैं कि किडनी ठीक है। अरमान कोमा से कब बाहर आएगा, उसे कितना समय लगेगा, अभी डॉक्टर इस बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं। इस घटना को लेकर दो शिकायतें थाने में दर्ज हुई है। पहली: जुनैद, अरमान और इमरान के खिलाफ शिकायत पहली शिकायत 5 जून को सुबह साढ़े सात बजे रायसेन के शुभम उपाध्याय ने जुनैद, अरमान और इमरान के खिलाफ दर्ज कराई। उस शिकायत में लिखा कि 5 जून को लगभग रात 2 बजे केशव रैकवार, सिद्धार्थ पटेल, आर्यन कुशवाह और मैं विदिशा बायपास ढाबे पर खाना खा रहे थे। तभी हमारे मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि राहतगढ़ की ओर से एक पिकअप वाहन में कुछ लोग गाय भरकर ले जा रहे हैं। हम सभी ने कार से उसका पीछा किया तो वह विदिशा कौड़ी रोड की भागा। हमने पीछा कर स्कूल के सामने ग्राम मेहगांव में पिकअप को रोक लिया। रोकते समय इमरान जो कि धनौरा हबेली का निवासी है, जिसे हम जानते हैं, वह पिकअप से कूदकर खेतों की तरफ भाग गया। पीछा करने पर भी हम उसे नहीं पकड़ पाए। जब हमने उस पिकअप वाहन को चेक किया तो वाहन में पीछे सात गाय और एक बैल क्रूरतापूर्वक भरे हुए थे। ये लोग वाहन को भोपाल की तरफ ले जा रहे थे। हम लोगों ने ड्राइवर और उसके साथी का नाम पता पूछा तो उन्होंने अपने नाम अरमान और जुनैद बताया। दोनों से गाय ले जाने के संबंध में पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दोनो वाहन से उतकर भागने लगे। भागते समय गिरने से उन दोनों को चोटें आ गईं। दोनों को पकड़ कर पिकअप सहित हम लोग विदिशा बिठ्ठल भाई गोशाला ले गए। गोशाला में पिकअप क्र. MP-42 G-4217 में भरी सात गाय और एक बैल को गोशाला में छोड़कर हम सभी पिकअप के साथ अरमान और जुनैद को लेकर थाने में रिपोर्ट करने आए। दूसरी: मरने से पहले जुनैद ने की शिकायत दूसरी शिकायत 5 जून को रात करीब 7 बजे शिकायतकर्ता जुनैद के मौखिक बयान के आधार पर अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई। शिकायत में जुनैद ने बताया था कि मैं मजदूरी करता हूं। रात को अरमान के साथ उसकी लोडिंग जीप MP42 G 4217 से विदिशा के पास धनौरा गांव से गाय लेकर भोपाल वापस जा रहे थे। तभी रात लगभग ढाई बजे जैसे ही हम विदिशा-कौड़ी रोड पर स्कूल के सामने मेहगांव पहुंचे। हमारे पीछे से आ रहे 10-15 अज्ञात लोगों ने अपनी गाड़ी हमारी लोडिंग के आगे कर दी, जिसकी वजह से हमने अपनी गाड़ी रोक ली। जो लोग आए थे, उनमें से कुछ लोग डंडे लिए हुए थे। वो लोग मुझे और अरमान को गाड़ी से उतार कर गालियां देने लगे और कहने लगे कि ये लोग गाड़ी में गाय भरकर ले जाते हैं। आज तो इन दोनों को जान से खत्म करना है। इसके बाद डंडों से मारपीट करने लगे। मारपीट से अरमान को सिर, पैर, पेट सहित पूरे शरीर में चोटें आईं। मुझे भी दोनों हाथों, दोनों पैरों, पीठ और शरीर पर कई जगह चोटें आईं। वो लोग पीटते हुए मोबाइल से हमारा वीडियो भी बना रहे थे। इसके बाद वो लोग हमारी गाड़ी में बैठ गए और हमें कार में बैठा कर हमारे साथ मारपीट करते हुए सांची थाने ले आए। उन लोगों पर कार्रवाई की जाए। अब तक हुई कार्रवाई के बारे में जानिए… सांची थाने के एसआई आनंदी लाल सूर्यवंशी कहते हैं कि उस दिन मैं नाइट ड्यूटी पर थाने में ही था। सुबह करीब 5 बजे बजरंग दल के 10 से 15 लोग दो लड़कों और एक पिकअप को लेकर थाने आए। दोनों लड़कों के शरीर पर काफी चोट के निशान थे और दोनों बेसुध जमीन पर पड़े थे। बजरंग दल के लोगों ने कहा कि इन दोनों को गाय तस्करी करते हुए हमने पकड़ा है। अभी गायों को हम गोशाला छोड़कर आ रहे हैं। इन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कीजिए। यह दोनों गो तस्कर हैं। मैंने उनसे कहा कि अगर यह लोग गो तस्करी कर रहे थे तो आपको इसकी सूचना पुलिस को देना चाहिए। तीन आरोपी गिरफ्त में, जुनैद पर चार मुकदमे दर्ज थे
वीडियो से पहचान के आधार पर हमने अभी तीन आरोपियों गगन दुबे, ध्रुव चतुर्वेदी और रामपाल सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। जबकि हमारी अलग-अलग टीमें वीडियो में मारपीट करने वालों की पहचान कर बाकी लोगों की तलाश कर रही है। वहीं, जुनैद पर पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें इस घटना के पहले जुनैद पर गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के दो केस साल 2022 और 2023 में बैतूल और भोपाल में दर्ज हैं। अरमान पर पूर्व में कोई केस है या नहीं इसकी जानकारी मंगाई गई है। ये भी पढ़ें… मॉर्निंग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता को लाठी-डंडों से पीटा: मुरैना में 4-5 बदमाशों ने हमला किया, हालत गंभीर मुरैना में कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राकेश परमार पर कुछ बदमाशों ने लाठी-डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। राकेश सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। जानकारी के मुताबिक राकेश जब वॉक कर रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे करीब 4-5 बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई मारपीट में उन्हें सिर पर गंभीर चोट आई है। पिटाई करने के बाद बदमाश भाग निकले। पढ़ें पूरी खबर…
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