दिल्ली से वियतनाम जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI388 (एयरबस ए320 नियो विमान) की बीच रास्ते से वापस दिल्ली बुलाया गया। फ्लाइट में 130 यात्री सवार था। फ्लाइट को दोपहर 1.00 बजे उड़ान भरनी थी। लेकिन 45 मिनट की देरी हुई, फिर 1.45 बजे टेकऑफ हुई। इसके बाद प्लेन में तकनीकी खामी का पता चला। कुछ देर हवा में रहने के बाद फ्लाइट वापस दिल्ली एयरपोर्ट उतारी गई। एयरलाइन ने कहा- सभी यात्रियों को सकुशल उतारा गया। वहीं, निजी एयरलाइन का गुवाहाटी से चेन्नई आ रहा प्लेन फ्यूल की कमी के चलते बेंगलुरु में उतारा गया। फ्लाइट में 168 यात्री सवार थे। यहीं पर रीफ्यूलिंग होने के बाद वापस चेन्नई के लिए उड़ा। इससे पहले दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2006 तकनीकी खराबी के कारण गुरुवार सुबह वापस दिल्ली लौटी थी। फ्लाइट में क्रू मेंबर्स सहित 180 लोग सवार थे। इधर, स्पाइसजेट फ्लाइट SG 2696 भी उड़ान भरने के 10 मिनट बाद वापस लौटी थी।। ये फ्लाइट हैदराबाद से तिरुपति जा रही थी। फ्लाइट में कुल 80 यात्री सवार थे। एयरलाइंस ने बताया था कि टेकऑफ के बाद पायलट को संकेत मिला कि विमान के पिछले दरवाजे में कुछ दिक्कत है। जिसके बाद फ्लाइट वापस एयरपोर्ट आ गई। 18 जून को भी एअर इंडिया की 3 फ्लाइट कैंसिल की गईं थीं। इनमें दिल्ली-बाली, टोरंटो-दिल्ली और दुबई-दिल्ली वाली उड़ानें शामिल थीं। 18 जून: एअर इंडिया की तीन फ्लाइट जो वापस लौटीं 17 जून: एअर इंडिया की 7 फ्लाइट रद्द हुईं
17 जून को एअर इंडिया की 7 इंटरनेशनल फ्लाइट रद्द की गई थीं। इनमें अहमदाबाद-लंदन, दिल्ली-पेरिस, दिल्ली-वियना, लंदन-अमृतसर, दिल्ली-दुबई, बेंगलुरु-लंदन और सैन फ्रांसिस्को-मुंबई फ्लाइट शामिल रहीं। 12-17 जून के बीच एअर इंडिया की 66 फ्लाइट रद्द नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मंगलवार को बताया था कि 12 से 17 जून के बीच एअर इंडिया ने बोइंग 787 की फ्लाइट्स को मिलाकर 66 उड़ानें रद्द कीं। DCGA ने कहा- 12 जून की घटना के बाद एअर इंडिया के बोइंग 787 सीरीज ड्रीमलाइनर की जांच की गई, जिसमें सुरक्षा को लेकर कोई बड़ी बात सामने नहीं आई। DCGA ने कहा कि विमान का रखरखाव मौजूदा सिक्योरिटी नियमों के मुताबिक पाया गया है। एयर इंडिया की फ्लीट में 33 बोइंग 787- 8/9 विमान हैं। मंगलवार को DGCA की एअर इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें DGCA ने एयरलाइन को विमान सुरक्षा पर ध्यान देने, फ्लाइट ऑपरेशन को सख्त करने और समय पर फ्लाइट डिपार्चर ये तय करने के निर्देश दिए हैं। —————————————————– बोइंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मंडे मेगा स्टोरी- 10 साल में 19 क्रैश, 1400+ मौतें:आखिर बोइंग के विमानों में दिक्कत क्या है; सुनीता विलियम्स को भी अंतरिक्ष में फंसाया दुनियाभर में एक दशक में अलग-अलग विमान हादसों में 2,996 लोगों की मौत हुई, इनमें करीब आधे बोइंग के एयरक्राफ्ट में सवार थे। भारत में पिछले 10 साल में 2 बड़े जानलेवा प्लेन क्रैश हुए और दोनों ही विमान बोइंग कंपनी के थे। पिछले साल बोइंग के ही स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष गईं सुनीता विलियम्स महीनों फंस गई थीं। पूरी खबर पढ़ें…
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