मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की टॉप-10 कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते में 1.65 लाख करोड़ रुपए घटी है। इस दौरान HDFC बैंक टॉप लूजर रही। कंपनी का मार्केट कैप 47,075 करोड़ रुपए घटकर 14.68 लाख करोड़ रुपए रह गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू ₹21,516 करोड़, SBI की ₹18,250 करोड़ और हिन्दुस्तान यूनिलीवर की ₹16,388 करोड़ घटी है। इधर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की वैल्यू 22,215 करोड़ रुपए बढ़कर 12.47 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। पिछले हफ्ते बाजार में तेजी रही थी इजराइल के ईरान पर हमले के बाद आज यानी 13 जून को शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 573 अंक गिरकर 81,118 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी करीब 169 अंक की गिरावट रही, ये 24,718 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 4 में तेजी और 26 शेयर में गिरावट रही। बैंकिंग, ऑयल एंड गैस, ऑटो और IT शेयर ज्यादा गिरे। कल के एअर इंडिया के विमान के क्रैश होने के बाद एयरलाइन कंपनियों के शेयर भी टूटे हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट वैल्यू कैसे बढ़ती है? मार्केट वैल्यू कैसे घटती है? मार्केट कैप कैसे काम आता है?
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